धनेश्वर बंटी सिन्हा
धमतरी 11 सितम्बर 2026:-जिले के वनांचल क्षेत्र नगरी से इस वक्त की बड़ी पंचायत खबर सामने आई है...
जिस सरपंच की कुर्सी पर बैठकर पंचायत की कमान संभाली जा रही थी, उसी कुर्सी के खिलाफ पंचों ने ऐसा फैसला सुनाया कि सरपंच को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ गई।
मामला नगरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत पाईकभाठा का है, जहां महिला सरपंच के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया है।
दरअसल, ग्राम पंचायत पाईकभाठा में सरपंच के कामकाज को लेकर लंबे समय से पंचों के बीच नाराजगी की बात सामने आ रही थी।
पंचों ने सरपंच पर पंचायत के कामकाज में मनमानी करने, पंचों को विकास कार्यों की पर्याप्त जानकारी नहीं देने और पंचायत के विकास कार्यों में उनके पति की भूमिका होने जैसे आरोप लगाए थे।
इन्हीं आरोपों को लेकर पंचों ने एसडीएम कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।
इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया।
और मतदान का परिणाम बेहद चौंकाने वाला रहा।
अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में सरपंच समेत कुल 16 पंचों ने हिस्सा लिया।
इनमें से 14 मत अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में पड़े, जबकि सरपंच के समर्थन में महज 2 वोट आए।
यानी बहुमत ने सरपंच के खिलाफ फैसला सुना दिया और अविश्वास प्रस्ताव पारित होते ही सरपंच की कुर्सी चली गई।
अब पंचायत की कमान किसके हाथ होगी?
अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद अब नियमानुसार उपसरपंच कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में पंचायत की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर सरपंच पद के लिए उपचुनाव कराया जाएगा।
लेकिन पाईकभाठा की कहानी यहीं खत्म नहीं होती...
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले कार्यकाल में भी सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है।
उस समय मतदान में सरपंच के पक्ष में महज एक वोट, जबकि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 15 वोट पड़े थे।
और अब एक बार फिर पाईकभाठा पंचायत में सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ है।
यानी लगातार दूसरे कार्यकाल में भी सरपंच की कुर्सी पर अविश्वास का साया देखने को मिला है।
फिलहाल अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद पाईकभाठा पंचायत की कमान अब उपसरपंच के हाथों में होगी।
